बड़े राज्य अक्सर पैमाने के प्रदर्शन में उलझ जाते हैं। उत्तर प्रदेश के सामने अब ज्यादा सूक्ष्म परीक्षा है: क्या वह शासन को तेज़, स्पष्ट और बार-बार महसूस होने वाला बना सकता है?

यह केवल फ्लैगशिप परियोजनाओं से नहीं होगा। इसके लिए भरोसेमंद सेवा आदतें और ऐसा संवाद चाहिए जो लोगों के सामने डिलीवरी को स्पष्ट करे।

अगले चरण में प्रतीकात्मक आकार से ज्यादा दिखाई देने वाली गति मायने रखेगी।

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Raghav Mehrotra एक महीने पहले
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